\n रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) मेडिकल समीक्षा के साथ कभी-कभी ऐसा भी हो सकता है जहाँ लक्षण बद से बदतर हो जाएँ, जिसे फ्लयेर-अप्स या फ्लेयर्स के नाम से जाना जाता है। यूँ तो फ्लेयर्स का अनुमान लगाना मुश्किल होता है, लेकिन उपचार की सहायता से इन फ्लेयर्स की संख्या और फ्लेयर्स से हो रहे जोड़ों के नुकसान को लम्बे समय तक के लिये कम किया जा सकता है। गठिया रोग से प्रभावित कुछ लोगों को शरीर के अन्य भागों में समस्याओं का अनुभव या सामान्य तौर पर देखे जाने वाले लक्षण जैसे थकान और वजन में कमी का अनुभव होने लगता है। चिकित्सक की सलाह कब लें गठिया रोग का निदान जल्द महत्वपूर्ण है क्योंकि जल्दी उपचार से बदतर हो रही हालत को रोका जा सकता है और जोड़ों को पहुँचने वाले जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है। गठिया रोग के कारण इसी कारण कुछ समय के बाद, जोड़ों, नरम हड्डी और आसपास की हड्डी को नुकसान पहुँच सकता है। ये स्पष्ट नहीं है कि प्रतिरक्षा प्रणाली में समस्या आने का कारण क्या है, हालाँकि आप एक बड़े जोखिम में हैं, अगर: आप एक स्त्री हैं मुख्य उपचार के विकल्प इस प्रकार हैं: लंबे समय तक दवा करने से इसके लक्षणों में राहत मिलती है और इस अवस्था की प्रगति को धीमा किया जाता है। दर्द, अकड़न और जोड़ों में क्षति को ठीक से जाँचने के बाद, आपको साधारण दैनिक कार्यों को करने में बदलाव लाना पड़ सकता है। उन्हें करने में कठिनाई आ सकती है या पूरा करने में ज़्यादा समय लग सकता है। गठिया रोग की जटिलताएँ संभावित जटिलताएँ इस प्रकार हैं: कार्पल टनल सिंड्रोम लक्षण अकसर गठिया रोग के लक्षण धीरे-धीरे और कई हफ्तों में बढ़ते हैं, लेकिन कुछ मामलों में ये बढ़त जल्दी देखने को मिल सकती है। एक व्यक्ति के लक्षण दूसरे व्यक्ति से भिन्न हो सकते हैं। ये लक्षण आते-जाते रहते हैं और समय के साथ बदल सकते हैं। हालत कमज़ोर होने पर आपको कभी-कभी फ्लेयर्स का अनुभव हो सकता है और लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं। जोड़ों को प्रभावित करने वाले लक्षण गठिया रोग आमतौर पर जोड़ों को समान रुप से प्रभावित करता है (शरीर के दोनों भागों को एक ही समय में और एक ही तरह से) लेकिन हमेशा ऐसा ही हो ये ज़रूरी नहीं है। जोड़ों को प्रभावित करने वाले मुख्य लक्षण नीचे उल्लेखित हैं। दर्द जकड़न जोड़ों के दर्द की तरह ही जकड़न अक्सर सुबह के समय या फिर लंबे समय तक बैठे रहने के कारण होती है। ऑस्टियो आर्थराइटिस नामक गठिया से होने वाले जोड़ों का दर्द उठने के 30 मिनट के भीतर बंद हो जाता है, लेकिन गठिया रोग से होने वाली सुबह की जकड़न अक्सर इससे अधिक समय तक रहती है। सूजन, गरमी और लाल हो जाना कुछ लोगों में, प्रभावित जोड़ों के आसपास की त्वचा के नीचे गठिया ग्रंथि या कड़ी सूजन बढ़ने लगती है। अतिरिक्त लक्षण थकान और ऊर्जा की कमी आँखों का सूख जाना - यदि आँख प्रभावित हैं सामान्यतया आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली प्रतिरक्षी बनती है जो बैक्टीरिया और वायरस पर हमला करके संक्रमण से लड़ने में सहायता करती है। यदि आपको गठिया रोग है, तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली अंजाने में प्रतिरक्षी को आपकी जोड़ों की परत पर भेजती है जहाँ वे जोड़ के आसपास वाली कोशिकाओं पर हमला करते हैं। इसके कारण जोड़ों को ढकने वाली कोशिकाओं की पतली परत (सिनोवियम) में जलन और सूजन होने लगती है, जिससे खतरनाक रसायन निकलते हैं और आसपास क्षति पहुँचती है: हड्डियाँ प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों पर क्यूँ हमला करती है, इसको लेकर विभिन्न सिद्धांत व्यक्त किये गए हैं, जैसे एक कारण संक्रमण या वायरस हो सकता है, लेकिन इनमें से कोई भी सिद्धांत सिद्ध नहीं किया जा सका है। संभावित जोखिम वाले कारण आपके जीन्स - कुछ सबूत हैं कि गठिया रोग खानदानी हो सकता है, हालाँकि इस अवस्था को वंशानुक्रम से पाने को कम आँका गया है क्यूँकि माना जाता है कि जीन्स इस अवस्था में छोटी भूमिका निभाते हैं। यदि आपको ये लक्षण दिखाई दें तो आपको अपने डॉक्टर से मिलना चाहिए ताकि वे कारण का पता लगा सकें। अपने डॉक्टर से मिलना सभी लक्षणों के बारे में अपने डॉक्टर को बताना महत्वपूर्ण है, केवल वही लक्षण नहीं जो आपको महत्वपूर्ण लगें, इससे उन्हें सही निदान करने में सहायता मिलेगी। यदि आपके डॉक्टर का मानना है कि आपको गठिया रोग है, तब वो आपको विशेषज्ञ के पास भेजेंगे। (गठिया रोग विशेषज्ञ) रक्त परीक्षण कोई भी रक्त परीक्षण निश्चित रुप से गठिया रोग को साबित या नकार नहीं सकता है। लेकिन कुछ परीक्षणों के बाद इस अवस्था के संभावित संकेत देखने को मिल सकते हैं। उपयोग में आने वाले मुख्य परीक्षणों में ये शामिल हैं: एरिथ्रोसाइट सेडीमेंटेशन रेट (ESR) पूर्ण रक्त गणना एनीमिया को नियंत्रित करने के लिए आपकी लाल कोशिकाओं को मापती है। एनीमिया का मतलब है कि रक्त कोशिकाओं की कमी के कारण रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन ले जाने में असमर्थ है। गठिया रोग वाले लोगों में एनीमिया आम है, हालाँकि एनीमिया होने से यह साबित नहीं होता है कि आपको गठिया है। गठिया कारक और सीसीपी-रोधी प्रतिरक्षी गठिया रोग/गठिया वाले सभी लोगों में से लगभग आधे लोगों में बीमारी होने पर उनके रक्त में एक सकारात्मक गठिया कारक मौजूद होता है, लेकिन गठिया रोग के बिना भी लगभग 20 लोगों में से एक का परीक्षण सकारात्मक निकल आता है। एँटी-सीसीपी (एँटी-साइक्लिक सिट्रुलिनेटेड पेप्टाइड) के रूप में जाना जाने वाला एक एँटीबॉडी परीक्षण उपलब्ध है। जिन लोगों का एँटी-सीसीपी परीक्षण सकारात्मक आता है, उनमें गठिया रोग की संभावना अधिक रहती है, लेकिन हर किसी में यह एँटीबॉडी नहीं पायी जाती जिन्हें गठिया रोग है। जिन लोगों का गठिया कारक और एँटी-सीसीपी दोनों परीक्षण सकारात्मक निकलते हैं, उन्हें गंभीर गठिया रोग के उच्च स्तर के उपचार की आवश्यकता होती है। जॉइंट इमेजिंग गठिया रोग के निदान और देखरेख के लिए किए जाने वाले स्कैन में शामिल हैं: एक्स-रे - जहाँ आपके हड्डियों और जोड़ों की जाँच करने के लिए आपके शरीर के माध्यम से रेडिएशन भेजा जाता है इन्हें अक्सर दो प्रकार की दवा में विभाजित किया जाता है: 'रोग-संशोधन एंटी-गठिया रोग दवा (DMARDs)’ और ‘जैविक उपचार'। रोग-संशोधन गठिया-रोधी रोग दवा (DMARDs) जब प्रतिरक्षा प्रणाली जोड़ों पर हमला करती है, तो DMARDs निकल रहे रसायनों के प्रभाव को अवरुद्ध करते हैं, जो अन्यथा आसपास की हड्डियों, शिराओं, स्नायुबंधन और उपास्थि को और नुकसान पहुँचा सकती है। कई अलग-अलग तरह की DMARDs हैं जिनका उपयोग किया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं: मेथोट्रेक्सेट मेथोट्रेक्सेट के सामान्य दुष्प्रभावों में शामिल हैं: बीमार रहना काफी कम सामान्य रूप से, मेथोट्रेक्सेट फेफड़े को प्रभावित कर सकता है, इसलिए जब आप मेथोट्रेक्सेट लेना शुरू करते हैं, तो आपको छाती के एक्स-रे और संभवतः श्वास परीक्षण लेने पड़ेंगे जिससे तुलना की जा सके कि इसे लेते समय आपको साँस लेने में तकलीफ या सूखी खाँसी आ रही है। हालाँकि, अधिकांश लोग मेथोट्रेक्सेट को अच्छी तरह से वहन कर लेते हैं। एक DMARD को असर करने में कुछ महीने लग सकते हैं। दवा नियमित रुप से लेना महत्वपूर्ण है, भले ही आपको ये लगे कि पहली बार में दवा काम नहीं कर रही है। आपको शुरुआत में दो या तीन प्रकार की DMARD लेनी पड़ सकती है, ताकि आपके लिये सबसे उपयुक्त का चुनाव किया जा सके। एक बार आपको और आपके डॉक्टर को सबसे उपयुक्त DMARD मिल जाये तो आपको लंबी अवधि के लिये दवा लेनी होगी। जैविक उपचार एटानेरसेप्ट जैविक दवाएँ इंजेक्शन द्वारा दी जाती हैं और वह आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर उसे जोड़ों पर हमला करने वाले रक्त में विशेष तरह के रसायनों को रोकने में सहायता करती हैं। जैविक उपचारों से होने वाले दुष्प्रभाव जो आमतौर पर कम देखने को मिलते हैं, वो इस प्रकार हैं: इंजेक्शन लगने वाली जगह पर त्वचा प्रभावित होना दर्द से राहत दर्द को दूर करने के लिए उपयोग की जा सकने वाली कुछ अलग-अलग दवाओं को नीचे बताया गया है। दर्द निवारक ये दवाएँ आपके जोड़ों की अंदरूनी सूजन का इलाज करने में सहायता नहीं करती हैं, लेकिन कभी-कभी दर्द से राहत देने में सहायक हो सकती हैं। उदाहरणत: इनको लेने की सलाह तब दी जाती है, जब आप किसी विशेषज्ञ को दिखाने की प्रतीक्षा कर रहे हों या ऐसे समय जब आपके लक्षण बदतर हो जाएँ (फ्लेयर-अप्स)। गैर-स्टेरॉयडल उत्तेजक-रोधी दवाइयाँ (NSAIDs) यह एक पारंपरिक NSAID (जैसे आइबूप्रोफेन, नैप्रोक्सेन या डाईक्लोफेनैक) या एक वैकल्पिक प्रकार हो सकता है जिसे COX-2 इनहिबिटर (जैसे सेलेकॉक्सिब या एटोरीकॉक्सिब) कहा जाता है। ये दवाएँ जोड़ों की सूजन को कम करते हुए दर्द को दूर करने में सहायता कर सकती हैं, हालाँकि वे गठिया को समय के साथ बढ़ने से नहीं रोक सकेंगी। आपके डॉक्टर आपके साथ बातचीत करेंगे कि आपको किस प्रकार का एनएसएआईडी लेना चाहिए और उनमें प्रत्येक के साथ जुड़े क्या लाभ और जोखिम हैं। हालाँकि ऐसा बहुत कम होता है, एक NSAID टैबलेट लेने से पेट की गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है - जैसे कि आंतरिक रक्तस्राव - क्योंकि दवाएँ उन परत को काट सकती हैं जो पेट को एसिड के नुकसान से बचाती हैं। यदि आपको एक NSAID टैबलेट लिखी गयी है, तो एक्से आपको साथ ही एक और दवा लेनी होगी, जैसे कि प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (पीपीआई)। पीपीआई लेने से आपके पेट में एसिड की मात्रा कम हो जाती है, जो आपके पेट की परत को नुकसान के जोखिम को काफी कम कर देता है। कॉर्टिकोस्टेरॉइड इनका निम्न रूप में उपयोग किया जा सकता है: एक गोली (उदाहरण के लिए, प्रेड्नीसोलोन) सामान्यतया कॉर्टिकोस्टेरॉइड का उपयोग केवल इसी तरह से किया जाता है क्योंकि लंबे समय तक कॉर्टिकोस्टेरॉइड के उपयोग के गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं, जैसे कि वजन बढ़ना फिज़ियोथेरेपी वो गर्मी या बर्फ पैक, या ट्रांसक्यूटेनस विद्युत तंत्रिका उत्तेजना (TENS) का उपयोग कर दर्द से राहत दिला सकते हैं। एक TENS मशीन प्रभावित जोड़ पर बिजली का एक हल्का कम्पन देता है, जो तंत्रिका छोर को सुन्न करती है और गठिया के दर्द को कम करने में सहायता कर सकती है। ऑक्युपेशनल थेरेपी एक ऑक्युपेशनल थेरेपिस्ट के प्रशिक्षण और सलाह से आपको काम और घर, दोनों जगह पर अपने जोड़ों की रक्षा करने में सहायता मिल सकती है। आपके जोड़ों के लिए कुछ प्रकार के समर्थन, जैसे एक स्पलिंट की सलाह भी दी जा सकती है, या ऐसे उपकरण जो जार खोलने या नल चालू करने में सहायता कर सकते हैं। पोडायअट्री सर्जरी दर्द को कम करने या विकृति को ठीक करने के लिए भी सर्जरी की सलाह दी जा सकती है। उंगली, हाथ और कलाई की सर्जरी कार्पल टनल रिलीज़ (तंत्रिका पर दबाव को दूर करने के लिए कलाई में एक स्नायु काटना) - अधिक जानकारी के लिए कार्पल टनल लक्षण का इलाज देखें। ऑपरेशन के दौरान, प्रकाश स्रोत और कैमरा (आर्थ्रोस्कोप) के साथ एक पतली नली को त्वचा में एक छोटे से कट के माध्यम से जोड़ में डाला जाता है ताकि सर्जन प्रभावित जोड़ को देख सके। क्षतिग्रस्त ऊतक को हटाने के लिए विशेष सर्जिकल उपकरणों को त्वचा में अन्य छोटे कटौती के माध्यम से डाला जाता है। इस तरह की सर्जरी के लिए आपको आमतौर पर अस्पताल में रात भर नहीं रहना पड़ता है, लेकिन जोड़ को कई दिनों तक घर पर आराम देना होता है । जोड़ प्रतिस्थापन इन जोड़ों का प्रतिस्थापन एक प्रमुख ऑपरेशन है जिसके लिये कई दिन अस्पताल में रहना होता है। नवीनतम जोड़ों में 10-20 वर्षों का सीमित जीवनकाल होता है। वे एकदम सही नहीं होते हैं और हो सकता है क्षतिग्रस्त जोड़ को एक नए जोड़ से बदलने के बाद वो एकदम पहले जैसा काम ना करे। अतिरिक्त और वैकल्पिक चिकित्सा मसाज पोषक तत्वों की खुराक और आहार में परिवर्तन यदि आपको लगता है कि यह आपके साथ ऐसा हो रहा है, तो कुछ सप्ताह के लिये समस्याग्रस्त खाद्य पदार्थों का सेवन ना करके देख सकते हैं कि क्या आपके लक्षण बेहतर होते हैं कि नहीं। हालाँकि, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि आपका समग्र आहार अभी भी स्वस्थ और संतुलित है। गठिया रोग में आहार के उपयोग का समर्थन करने वाले बहुत कम सबूत हैं, हालाँकि जो दवाएँ आप ले रहे हैं, उनके दुष्प्रभावों को रोकने में ये थोड़ा उपयोगी हो सकता है। उदाहरण के लिए, कैल्शियम और विटामिन डी की खुराक ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने में सहायता कर सकते हैं यदि आप स्टेरॉयड ले रहे हैं और फोलिक एसिड परिपूरक की खुराक मेथोट्रेक्सेट के कुछ दुष्प्रभावों को रोकने में सहायता कर सकती है। हालाँकि, यह सुझाव देने के लिए कुछ सबूत हैं कि मछली के तेल की खुराक लेने से गठिया रोग के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और कठोरता को कम करने में सहायता मिल सकती है। जटिलताएँ ऐसी कुछ परिस्थितियाँ निम्नलिखित हैं। कार्पल टनल लक्षण यह तंत्रिका के संपीड़न का परिणाम है जो हाथों (मध्य तंत्रिका) में सनसनी और गति को नियंत्रित करता है और इस तरह के लक्षण पैदा कर सकता है: दर्द होना व्यापक सूजन फेफड़े - फेफड़े या फेफड़ों की सूजन से प्लुरिसी या पुल्मनेरी फाइब्रोसिस हो सकता है, जिससे सीने में दर्द, लगातार खाँसी और साँस की तकलीफ हो सकती है। जोड़ में क्षति जोड़ों को प्रभावित करने वाली समस्याओं में शामिल हैं: पास की हड्डी और नरम हड्डी को नुकसान (एक कठिन, लचीला ऊतक जो जोड़ों की सतह को ढकता है) हृदय रोग सीवीडी एक सामान्य शब्द है जो हृदय या रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करने वाली स्थितियों का वर्णन करता है, और इससे जानलेवा समस्याएँ हो सकती हैं, जैसे कि दिल का दौरा और सदमा। यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं है कि गठिया रोग से पीड़ित लोगों को इस समस्या का खतरा ज़्यादा क्यों होता है। आप अपने गठिया रोग को अच्छी तरह से नियंत्रित करके और सीवीडी में योगदान करने वाले अन्य कारकों के प्रभाव को कम करके अपने जोखिम को कम कर सकते हैं, जैसे: धूम्रपान बंद करना यह स्थिति रीढ़ के शीर्ष पर जोड़ों की अव्यवस्था के कारण होती है, जो रीढ़ की हड्डी पर दबाव डालती है। हालाँकि अपेक्षाकृत असामान्य, यह एक गंभीर स्थिति है जो आपकी गतिशीलता को प्रभावित कर सकती है और सर्जरी से तुरंत इलाज न करने पर रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुँचा सकती है। रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया) के साथ जीवन आर्थराइटिस केयर, गठिया के साथ सकारात्मक रूप से रहने के लिए तकनीकों को सिखाने के लिए स्व-प्रबंधन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम प्रदान करता है। तकनीकों में शामिल हैं: दर्द को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए विश्राम और साँस के व्यायाम (relaxation and breathing exercises) दूसरों से बात करें रोगी संगठनों में स्थानीय सहायता समूह होते हैं जहां आप एक ही स्थिति से ग्रस्त अन्य लोगों से मिल सकते हैं। आपकी भावनाएँ रुमेटीइड गठिया की कठिन प्रकृति का मतलब कुछ लोग अवसाद या तनाव और चिंता की भावनाओं को विकसित कर सकते हैं। कभी-कभी, ये भावनाएं दर्द पर कम नियंत्रण या थकान से संबंधित हो सकती हैं। किसी भी दीर्घकालिक स्थिति के साथ रहने से आपको निराशा, भय, दर्द, क्रोध और नाराजगी जैसी भावनाओं का सामना करना पड़ सकता है। यदि आप अपनी स्थिति से भावनात्मक रूप से निपटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं तो अपनी स्वास्थ्य टीम से बात करें। वे मदद करने के लिए दवा या मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप की सलाह देने में सक्षम हो सकते हैं। एक परिवार शुरू करना और उसका पालन-पोषण करना कुछ दवाएं, जैसे मेथोट्रेक्सेट, लेफ्लूनोमाइड और जैविक उपचार (methotrexate, leflunomide and biological treatments), पुरुषों या महिलाओं द्वारा नहीं लिया जाना चाहिए, जब वे गर्भधारण के लिए प्रयास कर रहे हैं। जब आप गर्भवती होने की कोशिश कर रहे हों तो आपके रूमेटाइड अर्थराइटिस को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टर और नर्स आपके साथ काम करेंगे। शिशुओं और छोटे बच्चों की परवरिश माता पिता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन यदि आपको रूमेटाइड अर्थराइटिस है, तो ये विशेष रूप से ज्यादा होता है। यदि आप इस स्थिति का सामना करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो आपकी जैसी स्थिति से ग्रस्त अन्य लोगों से बात करने से मदद मिल सकती है। आप अपने युवा परिवार को संभालने में मदद करने के लिए अपने स्वास्थ्य आगंतुक या व्यावसायिक चिकित्सक से अतिरिक्त सहायता प्राप्त करने में सक्षम हो सकते हैं। सेक्स और रिश्ते हालांकि कई लोगों को ऐसे निजी मुद्दों के बारे में बात करना मुश्किल लगता है, ऐसे संसाधन हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं। आपके कामुकता और यौन संबंधों पर रूमेटाइड अर्थराइटिस के प्रभाव के बारे में अपने साथी या डॉक्टर से बात करने से मदद मिल सकती है।रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया)
4th July, 2024 • 26 min read
यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी में लिखा गया था। इस लेख का मूल संस्करण यहां देखा जा सकता है। यह Rosa Bowden द्वारा लिखा गया है और Dr Tamer T Malak ने इसकी मेडिकल समीक्षा की है।
इस लेख में
लक्षण
कारण
निदान
इलाज
परिचय
गठिया रोग एक दीर्घकालिक अवस्था है जिसके होने से जोड़ों में दर्द, सूजन और अकड़न आने लगती है। लक्षण आम तौर पर हाथ, पैर और कलाई को प्रभावित करते हैं।
यदि आपको लगता है कि आप को गठिया रोग के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो आपको डॉक्टर को दिखाना चाहिये ताकि वे असली कारण की पहचान कर सकें।
गठिया रोग एक स्व-प्रतिरक्षित रोग है। इसका मतलब है आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली - जो आमतौर पर संक्रमण से लड़ती है - गलती से उन कोशिकाओं पर हमला करती है जो आपके जोड़ों को पंक्तिबद्ध करती हैं, जिससे जोड़ों में सूजन, अकड़न और दर्द होता है।
आपके परिवार में पहले किसी को गठिया रोग हुआ हो
आप धूम्रपान करते हों
गठिया रोग का इलाज
यूँ तो गठिया रोग का कोई इलाज नहीं है। किन्तु, गठिया रोग से ग्रसित कई लोगों को शीघ्र निदान और उचित उपचार से फ्लेयर्स को महीनों या वर्षों तक रोकने में सहायता मिली है। इससे उन्हें पूर्ण जीवन जीने और नियमित रोजगार जारी रखने में सहायता मिल सकती है।
दूसरे सहायक इलाज जैसे, फिज़ियोथेरेपी और ओक्युपेशनल थेरेपी से आपको चलने-फिरने और रोज़मर्रा की गतिविधियों में आने वाली किसी भी तरह की समस्याओं से निपटने में सहायता मिलती है।
जोड़ों में हो रही समस्याओं को सर्जरी से दूर किया जाता है।
गठिया रोग के इलाज के बारे में पढ़ें.
गठिया रोग होने से अन्य बीमारियों के लक्षण पैदा हो सकते हैं, जो कभी-कभी जीवन के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।
शरीर के अन्य भाग (जैसे फेफड़े, हृदय और आँखों) में सूजन
दिल का दौरा और सदमा बढ़ने का जोखिम
ये सुनिश्चित करना ज़रूरी है कि गठिया रोग को नियंत्रित किया जाये ताकि इससे होने वाली जटिलताओं और जोखिम को कम करने में सहायता मिल सके।
गठिया रोग के मुख्य लक्षण हैं; जोड़ों में दर्द, सूजन और जकड़न का आना। इसके कारण सामान्य लक्षण दिखाई देने लगते हैं और शरीर के अन्य भागों में सूजन बढ़ सकती है।
गठिया रोग मुख्य रूप से जोड़ों को प्रभावित करता है। यह शरीर में किसी भी जोड़ में समस्या पैदा कर सकता है, हालाँकि हाथों और पैरों में छोटे जोड़ सबसे पहले प्रभावित होते हैं।
गठिया रोग से होने वाला जोड़ों का दर्द अकसर लगातार और चुभने वाला दर्द है। यह अक्सर सुबह के समय या फिर लंबे समय तक एक जगह बैठे रहने के बाद अधिक हो जाता है।
गठिया रोग से प्रभावित जोड़ों में जकड़न महसूस की जा सकती है। उदाहरण के लिए, यदि असर आपके हाथों पर पड़ा है, तो संभवत: आप पूरी तरह से अपनी उँगलियाँ नहीं मोड़ सकते या मुट्ठी नहीं बना सकते हैं।
गठिया रोग से प्रभावित जोड़ों की परत लाल हो जाती है, जिसके कारण जोड़ सूज कर गर्म हो जाते हैं और छूने पर नरम महसूस होते हैं।
गठिया रोग से प्रभावित कुछ लोगों को जोड़ों की समस्याओं के साथ और भी जिन सामान्य लक्षणों का अनुभव होता है, वो हैं:
बढ़ा हुआ तापमान (बुखार)
पसीना
भूख कम लगना
वजन में कमी
गठिया रोग से होने वाली जलन या सूजन कभी-कभी शरीर के अन्य भागों को प्रभावित कर समस्याएँ पैदा कर सकती हैं, जैसे कि:
सीने में दर्द – अगर दिल या फेफड़े प्रभावित हैं
कारण
गठिया रोग एक स्वप्रतिरक्षित अवस्था है, जिसका अर्थ है जब प्रतिरक्षा प्रणाली शरीर के स्वस्थ ऊतकों पर हमला करता है, तो ये होता है। हालाँकि, यह अभी तक ज्ञात नहीं है कि ऐसा किस कारण से होता है।
नरम हड्डी/कार्टिलेज - हड्डियों के बीच लचीला जोड़ने वाला ऊतक
शिरा - वह ऊतक जो हड्डी को मांसपेशियों से जोड़ता है
स्नायुबंधन - वह ऊतक जो हड्डी और कार्टिलेज को जोड़ता है
यदि इस अवस्था का इलाज न किया जाये तो इन रसायनों के कारण जोड़ धीरे-धीरे अपना आकार और संरेखण खो बैठते हैं। अंत में, यह पूरी तरह से जोड़ को नष्ट कर सकता है।
जिन चीजों की वजह से गठिया रोग का बढ़ना आपके लिये हानिकारक हो सकता है, उनमें शामिल हैं:
हार्मोन - गठिया रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक आम है, जो कि हार्मोन एस्ट्रोजन के प्रभाव के कारण हो सकता है, हालाँकि इस सम्बन्ध को साबित नहीं किया जा सका है।
धूम्रपान - कुछ प्रमाणों ने सुझाया है कि जो लोग धूम्रपान करते हैं, उनमें गठिया रोग के विकास का एक बड़ा जोखिम बना रहता है।
रोग की पहचान
गठिया रोग का पता लगा पाना और निदान कठिन है क्यूँकि जोड़ों में अकड़न और जलन कई अन्य कारणों से हो सकती है और इस अवस्था के लिए कोई निश्चित परीक्षण उपलब्ध नहीं है।
आपके डॉक्टर एक शारीरिक परीक्षा लेंगे जिनमें जोड़ों में किसी भी तरह की सूजन और वो कितनी आसानी से हिल पा रहे हैं, ये देखा जाएगा। आपके डॉक्टर आपसे इन लक्षणों के बारे में पूछताछ करेंगे।
आपके डॉक्टर निदान की पुष्टि करने के लिए रक्त परीक्षण करने के लिये बोल सकते हैं।
सी-रिएक्टीव प्रोटीन (CRP)
पूर्ण रक्त गणना
खून जाँच के बारे में और पढ़ें।
विशिष्ट रक्त परीक्षण गठिया रोग/गठिया के निदान में सहायता कर सकते हैं, लेकिन सटीक हों ये आवश्यक नहीं है।
जोड़ों में सूजन और क्षति की जाँच के लिए कई अलग-अलग स्कैन भी किए जा सकते हैं। इनसे विभिन्न प्रकार के गठिया के बीच के अंतर को बताने में सहायता मिल सकती है तथा देखरेख करने में प्रयोग किया जा सकता है कि आपकी स्थिति में समय के साथ कितना बदलाव आ रहा है।
अल्ट्रासाउंड स्कैन – जहाँ जोड़ों की छवि बनाने के लिए उच्च आवृत्ति ध्वनि तरंगों का उपयोग किया जाता है
मैग्नेटिक रेज़ोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) स्कैन - जहाँ आपके जोड़ों की विस्तृत छवियों को निकालने के लिये मज़बूत चुम्बकीय क्षेत्र और रेडियो तरंगों का उपयोग किया जाता है
उपचार
प्रगति की स्थिति को रोकना
ऐसी कई दवाएँ उपलब्ध हैं जिनका उपयोग गठिया रोग को बदतर होने से रोकने और आगे की समस्याओं के जोखिम को कम करने में सहायता हेतु उपयोग किया जा सकता है।
यदि आपको गठिया रोग से ग्रसित पाया गया है, तो आम तौर पर आपके प्रारंभिक उपचार के लिये DMARD गोलियों का मिश्रण लेने को कहा जायेगा। इन दवाओं का प्रयोग विशेषकर इस अवस्था के लक्षणों को कम करने और इसके बढ़ाव को धीमा करने में प्रभावी माना जाता है।
लेफ्लूनोमाईड
हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन
सल्फासलाज़ाइन
मेथोट्रेक्सेट आम तौर पर गठिया रोग के लिए दी जाने वाली पहली दवा है, जो अक्सर DMARD और कोर्टिकोस्टेरोइड के एक छोटे नियम के साथ किसी भी तरह के दर्द कम करने के लिए दी जाती है (नीचे देखें)। इसे नीचे बताये गये जैविक उपचारों के साथ भी जोड़ा जा सकता है।
भूख न लगना
मुँह में दर्द
दस्त लगना
सिरदर्द
बालों का झड़ना
दवा कभी-कभी आपके रक्त की गिनती और आपके जिगर पर भी प्रभाव डाल सकती है, इसलिए इसकी जाँच के लिए आपका नियमित रक्त परीक्षण होगा।
जैविक उपचार गठिया रोग के उपचार का एक नया रूप है। इन में शामिल हैं:
इन्फ्लिक्सीमाब
अडालीमुमाब
सेर्टोलिजुमाब
गोलिमुमाब
रितुक्सीमाब
अबाटासेप्ट
टोसिलीज़ुमाब
आमतौर पर इन्हें मेथोट्रेक्सेट या किसी अन्य DMARD के साथ लिया जाता है और केवल तभी उपयोग किया जाता है जब ये दवाएँ अकेले प्रभावी न हो रही हों।
संक्रमण
बीमार रहना
बढ़ा हुआ तापमान (बुखार)
सिरदर्द
कुछ लोगों को अधिक गंभीर समस्याएँ होने का खतरा भी बना रहता है, जिनमें क्षय रोग (टीबी) जैसे संक्रमण के लौट आना शामिल हैं, ऐसा उन लोगों के साथ होता है जिन्हें पहले भी यह रोग हो चुका हो।
गठिया रोग की बढ़ती अवस्था को नियंत्रित करने के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं के अलावा, आपको दर्द से राहत के लिए विशेष तरह की दवा लेने की आवश्यकता पड़ सकती है।
कुछ मामलों में, आपको गठिया रोग से होने वाले दर्द से राहत के लिए पेरासिटामोल या साथ में पेरासिटामोल और कोडीन (सह-कोडामोल) जैसे दर्द निवारक दवाओं का उपयोग करने की सलाह दी जा सकती है।
ऊपर बताई गयी दर्द निवारक दवाओं के ऊपर - या उनके अलावा आपके डॉक्टर एक गैर-स्टेरॉयडल उत्तेजक-रोधी दवाई (एनएसएआईडी) लिख सकते हैं।
कॉर्टिकोस्टेरॉइड शक्तिशाली दवाएँ हैं जो दर्द, जकड़न और सूजन को कम करने में सहायता कर सकती हैं।
एक दर्द भरे जोड़ में सीधा इंजेक्शन
मांसपेशियों में एक इंजेक्शन (कई सारे जोड़ों की सहायता करने के लिए)
इन्हें आमतौर पर अल्पकालिक दर्द से राहत प्रदान करने के लिए उपयोग किया जाता है - उदाहरण के लिए, जब आप डीएमएआरडी दवा के असर करने की प्रतीक्षा कर रहे हों या फिर फ्लेयर-अप्स के दौरान।
ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों में पतलापन)
आसानी से घाव लग जाना
मांसपेशियों में कमज़ोरी
त्वचा का पतला हो जाना
सहायक उपचार
आपके डॉक्टर आपको अन्य सेवाओं के लिए भी भेज सकतें हैं जो आपके गठिया रोग के लक्षणों में आपकी सहायता करने में सक्षम हो सकती हैं।
एक फिज़ियोथेरेपिस्ट आपको अपनी स्वस्थता और मांसपेशियों की ताकत में सुधार और आपके जोड़ों को और अधिक लचीला बनाने में सहायता कर सकते हैं।
यदि गठिया रोग की वजह से आपको प्रतिदिन के काम में सम्सया आ रही है तो ऑक्युपेशनल थेरेपी इसमें सहायता कर सकती है।
यदि आपके पैरों में समस्या है, तो एक पोडायट्रिस्ट आपकी सहायता कर सकता है। आपके जोड़ों या जूते के इनसोल को किसी प्रकार का समर्थन भी दिया जा सकता है, जो दर्द को कम कर सकता है।
कभी-कभी, दवा के बावजूद, आपके जोड़ों को नुकसान हो सकता है। ऐसे मामलों में, आपके जोड़ों को ठीक करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
हाथ के जोड़ों की समस्याओं को ठीक करने के लिए विभिन्न प्रकार की सर्जरी होती हैं। उदाहरणों में शामिल हैं:
असामान्य टेढ़ेपन का इलाज करने के लिए उंगलियों का शिरा ढीला करना।
उंगली के जोड़ों को फैलाने वाले ऊतक को हटाना।
आर्थ्रोस्कोपी
आर्थ्रोस्कोपी सूजन वाले ऊतक को हटाने की एक प्रक्रिया है।
गठिया रोग वाले कुछ लोगों के कूल्हे, घुटने या कंधे के जोड़ का कोई हिस्सा या पूरा जोड़ बदलने के लिए सर्जरी की आवश्यकता होती है। यह एक जोड़ प्रतिस्थापन या आर्थ्रोप्लास्टी के रूप में जाना जाता है।
गठिया रोग वाले कई लोग अतिरिक्त चिकित प्रयास करते हैं। जैसे:
सुईदाब चिकित्सा
अस्थिचिकित्सा
काइरिप्रैक्टिक
अधिकतर मामलों में, इनका लंबे समय में प्रभावी होने का बहुत कम या कोई सबूत नहीं हैं, हालाँकि कुछ लोगों को उनसे अल्पकालिक लाभ का अनुभव हो सकता है।
यह सुझाव देने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है कि विशिष्ट आहार परिवर्तन गठिया रोग में सुधार करने में सहायता कर सकते हैं, हालाँकि गठिया रोग वाले कुछ लोग महसूस करते हैं कि कुछ खाद्य पदार्थ खाने के बाद उनके लक्षण बदतर हो जाते हैं।
गठिया रोग आपको दूसरी परेशानियों में डाल सकता है, खासकर अगर यह अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं है।
गठिया रोग वाले लोगों में कार्पल टनल लक्षण एक सामान्य स्थिति है।
सुन्न होना
अंगूठे, उंगलियों और हाथ के हिस्से में झुनझुनी होना
कार्पल टनल सिंड्रोम के लक्षणों को कभी-कभी कलाई की स्प्लिन्ट्स या कॉर्टिकोस्टेरॉइड इंजेक्शन से नियंत्रित किया जा सकता है, हालांकि गंभीर मामलों में मध्य तंत्रिका पर दबाव निकालने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
गठिया रोग एक सूजन वाली स्थिति है जो आपके शरीर के अन्य हिस्सों में सूजन पैदा कर सकती है, जैसे कि:
हृदय - हृदय के चारों ओर ऊतक की सूजन से पेरिकार्डिटिस हो सकता है, जो सीने में दर्द का कारण बनता है।
आँखें – आँखों की सूजन से स्केलेराइटिस या सोजोग्रेन लक्षण हो सकता है। स्केलेराइटिस से आँखों में लालिमा और दर्द हो सकता है, जबकि सोगरेन के लक्षण से सूखी आँखें हो सकती हैं।
रक्त वाहिकाएँ - जिसे वास्कुलिटिस के रूप में जाना जाता है - इससे रक्त वाहिका की दीवारों का मोटा होना, कमज़ोर होना, संकुचन और निशान हो सकता है। गंभीर मामलों में, यह आपके शरीर के अंगों और ऊतक में रक्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और जानलेवा हो सकता है।
हालाँकि, जल्दी इलाज हो जाने से गठिया रोग के कारण शरीर के अन्य भागों में हुआ सूजन कम हो जाता है।
यदि गठिया रोग का जल्दी इलाज नहीं किया जाता है या इसे अच्छी तरह से नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो आपके जोड़ों के सूजन से अत्याधिक क्षति या यहाँ तक कि हमेशा के लिये खराब हो सकता है।
आस-पास के शिराओं को नुकसान (लचीला ऊतक जो मांसपेशियों को हड्डी से जोड़ता है), जिसके कारण वे टूट सकते हैं
जोड़ की विकृतियाँ
प्रभावित जोड़ों में हुई इन हानियों को ठीक करने के लिए कभी-कभी सर्जरी की आवश्यकता होती है।
यदि आपको गठिया रोग है, तो बाकी लोगों की तुलना में आपको ह्रदय रोग (सीवीडी) विकसित होने का अधिक खतरा है।
स्वस्थ भोजन करना
नियमित रूप से व्यायाम
ग्रीवा माइलोपैथी
यदि आपको पहले से गठिया रोग है, तो आपको ग्रीवा माइलोपैथी विकसित होने का खतरा है और आपके किसी भी ऑपरेशन से पहले आपकी गर्दन की विशेष जाँच की आवश्यकता होती है।
स्व: प्रबंधन
रूमेटाइड अर्थराइटिस के ऊपर नियंत्रण होने से आपको आपकी जीवन शैली पर होने वाले इसके प्रभाव से निपटने में मदद मिलेगी।
लक्ष्य-निर्धारण एक्सर्सायज़
सकारात्मक सोच
विशेष रूप से रुरूमेटाइड अर्थराइटिस से ग्रस्त लोगों के लिए एक स्व-प्रबंधन प्रोग्राम राष्ट्रीय रूमेटाइड सोसायटी (एनआरएएस) द्वारा विकसित किया गया है। पाठ्यक्रम लोगों को उनकी स्थिति के बारे में अधिक जानने में मदद करता है और रोजमर्रा की जिंदगी का प्रबंधन करने के बारे में व्यावहारिक सुझाव प्रदान करता है।
कई लोगों को एक जैसी स्थिति में दूसरों से बात करने में मदद मिलती है। आप रूमेटाइड अर्थराइटिस से ग्रस्त किसी व्यक्ति या समूह के लोगों का समर्थन पा सकते हैं।
रुमेटीइड गठिया का अप्रत्याशित प्रकृति का होना आपके लिए कठिन हो सकता है। कुछ दिन, दर्द और कठोरता बहुत खराब हो जाएगी, और यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि ऐसा कब होगा।
यदि आप रूमेटाइड अर्थराइटिस के लिए दवाएं ले रहे हैं, और अगर आप एक परिवार शुरू करना चाहते हैं या यदि आप दवा लेने के दौरान गर्भवती होने के बारे में चिंतित हैं, तो अपने स्वास्थ्य सेवा टीम को बताएं।
दर्द, असुविधा और आपकी महसूस करने की प्रवृत्ति में बदलाव आपके यौन जीवन को प्रभावित कर सकता है। आपका आत्मसम्मान या आप कैसे दिखते हैं, यह आपके आत्मविश्वास को प्रभावित कर सकता है।